Monday, February 20, 2017

दिल की बीमारियों से जुड़े कई शब्द...अब तक थे अनजाने. part-2

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कार्डियोवैस्कुलर - दिल से सम्बंधित रक्त नलिका कार्डियो वैस्कुलर कहलाती है .
कार्डियोवर्शन - यह एक प्रोसीजर है जो अनियमित हार्ट रिदम को इलेक्ट्रिक शॉक और चुनिन्दा दवाए देकर नार्मल हार्ट रिदम लाने के लिए किया जाता है.
कैथेटर - यह एक खोखली, लचीली नली होती है जिसमें कैमरा लगा होता है. इस कैमरे से हार्ट की ब्लड वेसल्स के ब्लोकेजेस देखे जाते हैं.
कोलेस्ट्रोल - यह एक फैटी सब्सटेंस है जो शरीर खुद बनाता है तथा कुछ खास तरह के भोजन में भी पाया जाता है. कोकोनरी आर्टरी डिजीज इसलिए होती है क्योंकि यह ह्रदय की धमनियों में जमा हो जाता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन रुक रुक के होता है.
क्लबिंग - यह एक ऐसी अब्नोर्मलिटी है जिसमें पैरों और हाथों की उँगलियों के पोर फ़ैल जाते हैं और नाखून मुड़ जाते हैं. यह समस्या अक्सर ऑक्सीजन से भरपूर रक्त की कम सप्लाई के कारण खडी होती है. यह समस्या अक्सर जन्मजात हृदय रोगियों में देखी जाती है.
कोआर्कटेशन ऑफ़ दी एओर्टा - यह मुख्य धमनी के गंभीर रूप से सिकुड़ जाने से जुड़ी समस्या है. इसकी वजह से शरीर के निचले हिस्से में रक्त प्रवाह कम हो जाता है. मुख्य धमनी का सिकुड़ना एक जन्मजात विकार है जो सर्जरी से ठीक किया जा सकता है. 

Friday, February 17, 2017

दिल की बीमारियों से जुड़े कई शब्द...अब तक थे अनजाने.

हार्ट डिजीज से सम्बंधित कई शब्दों के अर्थ यहाँ दिए जा रहे हैं. मरीज की दिल की बीमारियों से सम्बंधित कई शब्द ऐसे हैं जिनके अर्थ परिजनों या मरीज को नहीं पता होते. हार्ट स्पेशलिस्ट मरीज और परिजनों को बीमारी के बारे में समझाने की कोशिश करते हैं, इस दौरान ऐसे मेडिकल वर्ड्स का प्रयोग अनजाने में कर जाते हैं जो आम चलन में तो होते हैं लेकिन उनके अर्थ नहीं मालूम होते. यहाँ इन्ही शब्दों की जानकारी दी जा रही है :-

कार्डियोमायोपैथी 
यह हार्ट की एक एब्नार्मल स्थिति है जिसमें हार्ट फूल जहा है. हार्ट इसलिए फूल जाता है क्योंकि हार्ट द्वारा पम्पिंग एकदम कमजोर हो जाती है और हार्ट सामान्य से अधिक बड़ा हो जाट है. हार्ट में पूरा ब्लड भरने की क्षमता भी कम हो जाती है. इसी के साथ हार्ट हाइपरट्रोपिक यानी मोटा हो जाता है.

कार्डियोपल्मोनरी रेससिटेशन (सी पी आर)
यह दिल के दौरे के दौरान दी जाने वाली फर्स्ट एड है. यह तकनीक इस तरह डिजाईन की गयी है कि इसमें जिनका हार्ट काम करना बंद कर देता है उन्हें कृतिम तौर पर ऑक्सीजनेटेड ब्लड को सर्कुलेट करने की कोशिश की जाती है. इसमें ऑक्सीजन के ऐरवे की समीक्षा की जाती है और उसमें यदि कोई रूकावट आ रही हो तो तत्काल दूर किया जाता है. फर्स्ट एड प्रदान करने वाला मरीज की नाक को बंद करके उसके मुंह से अपना मुंह लगाकर सांस देने की कोशिश करता है. मरीज की हृदय की गति की दर देखकर जरुरत पड़ने पर सीने पर प्रेशर डालकर खून का संचार पुनः शुरू करने की कोशिश की जाती है. इस फर्स्ट एड से अनेक मरीज के रुके हुए हार्ट पुनः पम्पिंग शुरू कर देते हैं.


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